शेख चिल्ली बहुत ही गरीब परिवार से था। वह पढ़ाई-लिखाई में भी बहुत कमजोर था। अगर वो किसी चीज में माहिर था, तो वो था दिन भर बस खेल-खूद करना। अपना सारा समय वह मोहल्ले के लड़कों के साथ कंचे खेलने में बिता देता था। इसी तरह उसका पूरा बचपन बीत गया। धीरे-धीरे वह बड़ा होता चला गया लेकिन उसकी आदतें नहीं बदली। एक दिन शेख चिल्ली अपने दोस्तों के साथ जंगल में घूमने गए। वहां जाते ही उन्होंने एक बड़े पेड़ के नीचे एक छोटी सी खोपड़ी देखी। उन्होंने खोपड़ी खोली और उसमें सात सुंदर परियों को देखा। परियां उनके सामर्थ्य की परीक्षा लेने यहां आई थीं। एक परी ने कहा, "शेख चिल्ली, हम तुम्हें एक वरदान देने के लिए यहां आई हैं। हम तुम्हें सात वरदान देंगी, पर याद रखो, तुम्हें इनका सबसे अच्छा उपयोग करना चाहिए।" शेख चिल्ली को बहुत खुशी हुई और वह आश्चर्यचकित हो गए। उन्होंने सोचा, "मुझे इतने सारे वरदान मिलने वाले हैं! अब मैं कुछ भी मांग सकता हूँ।" पहली परी ने कहा, "शेख चिल्ली, मैं तुम्हें एक अस्तित्वशक्ति देती हूँ, जिससे तुम चाहें तो किसी भी जगह तुरंत पहुंच सकते हो।" दूसरी परी ने कहा, "मै...
life me sabse behtar bnne ke liye